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आंगनवाड़ी सेविकाओं की बढ़ी परेशानी। अब टोकन नंबर का वेरिफिकेशन करने के बाद पोषाहार देना होगा सेविकाओं को । इसलिए टोकन नंबर का विरोध भी कर रही है सेविकाएं है

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सीतामढी, पटना :- आंगनबाड़ी केंद्रों पर मिलने वाले पोषाहार ओटीपी के पेंच में फंसा हुआ है। लाभुकों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। आइसीडीसी ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर पारदर्शिता बनाने के लिए ऑनलाइन पोषाहार का वितरण व्यवस्था को लागू किया गया है। अब बिना ओटीपी के आंगनबाड़ी सेविका लाभुकों को पोषाहार का वितरण नहीं कर सकती है। इसके पहले लॉकडाउन में डीबीटी के माध्यम से लाभुकों के खाते में राशि भेजने की व्यवस्था चल रही थी। इसमें आइसीडीसी ने एक बार फिर से बदलाव कर दिया है। अब पहले लाभुकों के मोबाइल पर ओटीपी जाएगा। इसकी जानकारी आंगनबाड़ी सेविकाओं को उनके मोबाइल पर भी मिलेगी। तब जाकर उन सभी लाभुकों को पोषाहार दिया जाना है। नवंबर व दिसंबर महीने के पोषाहार इसी पेंच में फंसा हुआ है। इसके चलते आंगनबाड़ी केंद्रों पर लाभुकों के बीच पोषाहार वितरण नहीं किया जा रहा है। जिसका प्रखंड के सभी सेविका ओटीपी का विरोध कर रही है। आंगनबाड़ी केंद्र के सभी सेविकाओं को आइसीडीसी के तरफ से मोबाइल भी दिया जा चुका है। काम करने के लिए। सीडीपीओ जयश्री दास ने बताया कि ओटीपी के माध्यम से फिलहाल पोषाहार का वितरण किया जा रहा है।

वैसे सभी लाभुकों को अभी ये टोकन नंबर नहीं दिया गया है । जिस जिसके पास यह टोकन नंबर पहुंच चुका है 4 महीने का वह अपने नजदीकी जो आंगनवाड़ी केंद्र है जहां उनका सारा डाटा रजिस्टर्ड है वहां से जाकर वह पोषाहार अपना प्राप्त कर सकते हैं ।

इस प्रकार से सम्बंधित विभाग के द्वारा लाभुकों के मोबाइल पर भेजा जा रहा है ओटीपी/टोकन

इससे हुआ यह है कि जितने भी आंगनबाड़ी की सेविका हैं अब उनकी परेशानी थोड़ा और ज्यादा बढ़ गया है जैसे लोक डाउन में पहले सिस्टम था कि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक अकाउंट में दे दिया गया था पैसा। वैसे ही यदि पैसा देते तो इन लोगों को थोड़ी सी तकलीफ से कम होती, काम इनका आसान होता। मगर, अब इनको टोकन नंबर को सत्यापित करके हर एक इंसान को पैसा देना है तो इसको लेकर जो सेविकाएं हैं वह थोड़ा विरोध भी कर रही हैं ओटीपी सिस्टम का

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