Monday, May 3, 2021
Home हाथरस जिसे हाथरस गैंगरेप पीड़िता बता रहे हैं असल में वह चंडीगढ़ की...

जिसे हाथरस गैंगरेप पीड़िता बता रहे हैं असल में वह चंडीगढ़ की मनीषा है और दो साल पहले ही हो चुकी है बीमारी से उसकी मौत

सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर की हकीकत

चंडीगढ़:- हाथरस में एक लड़की के साथ जो गैंगरेप की घटना हुई उससे पूरा देश गुस्से में है लड़की के साथ हैवानी करने वालों को फांसी देने की मांग उठ रही है । फेसबुक समेत सोशल मीडिया पर एक फोटो चल रही है जिसमें बताया गया कि यह हाथरस गैंगरेप की पीड़िता है । मगर असल में जिसकी तस्वीर शेयर की जा रही है वह लड़की हाथरस की नहीं बल्कि चंडीगढ़ की मनीषा है। मनीषा यादव की मौत 2 साल पहले ही पथरी की बीमारी की वजह से हो चुकी है।जाने अनजाने में चंडीगढ़ की बेटी और उनके घर वालों के साथ अन्याय हो रहा है ।सिर्फ आम जनता ही नहीं बल्कि बड़े-बड़े सेलिब्रिटी भी चंडीगढ़ की बेटी की तस्वीर को वायरल करने में लगे हुए हैं । देश के लोग भले ही सोशल मीडिया पर उसकी तस्वीर शेयर करके अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं । मगर इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है चंडीगढ़ की बेटी मनीषा यादव के परिवार वालों को ।जो पिता अपनी बेटी के चले जाने के गम को भुलाने की कोशिश कर रहा था । उस घड़ी में अब सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर ने उनके ज़ख्म को गहरा और हरा कर दिया है। चंडीगढ़ की बेटी मनीषा यादव के पिता मोहन लाल यादव ने बताया कि उन्हें बहुत ज्यादा दुख हो रहा है कि उसकी बेटी और उसके परिवावालों की बदनामी मनीषा यादव के मौत के बाद भी की जा रही है। मनीषा यादव के पिता मोहन लाल यादव ने चंडीगढ़ के एसएसपी को इस संबंध में शिकायत दी है और कहा कि सोशल मीडिया पर उनकी बेटी की तस्वीर को वायरल होने से रोका जाए। अगर कोई ऐसा कर रहा है तो उन पर कार्रवाई की जाए ।

रिश्तेदारों के आ रहे हैं फोन

मोहन लाल यादव ने बताया कि जैसे-जैसे यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है और मेरी बेटी मनीषा यादव के दोस्तों के पास और हमारे रिश्तेदार के पास पहुंची तो लोग कॉल कर रहे हैं और मुझे बहुत शर्मिंदगी होती है कि मेरी बेटी के मौत के 2 साल बाद इस तरीके से उनकी इज्जत को उछाला जा रहा है

पथरी की बीमारी थी

मनीषा यादव का परिवार चंडीगढ़ के रामदरबार कॉलोनी में रहता है। मनीषा की 21 जून 2018 को शादी हुई थी। उसे पथरी की बीमारी थी जो दिनों दिन बढ़ती गई और शादी के कुछ ही दिनों बाद 22 जुलाई 2018 को मनीषा की मौत हो गई।

छवि खराब करने के जुर्म में दो साल की सजा का प्रावधान है

एडवोकेट अनिल गोगरे ने बताया कि अगर कोई किसी मृत व्यक्ति की छवि को खराब करता है तो आईपीसी की धारा 499 पार्ट 1 के तहत कार्रवाई की जा सकती है । इस कानून के मुताबिक अगर वो मृत व्यक्ति जिंदा रहता है तो उसकी और ज्यादा छवि खराब होती है और उस इंसान की भावनाओं को आहत पहुंचता है। और इस तरीके से किसी की छवि को बदनाम करने के लिए इस कानून में 2 साल की सजा का प्रावधान है ।

वही आपको एक बात और बताता चलूं अगर किसी रेप पीड़िता लड़की की तस्वीर को वायरल किया जाता है तो वह भी एक दंडनीय अपराध है

न्यूज़ बिहार 24 आपसे अनुरोध करता है किकिसी की भी तस्वीर को बिना हकीकत जाने इस तरीके से वायरल ना करें। किसी के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करना ठीक है मगर इस बात का भी ध्यान रखा जाए कि उससे किसी की भावनाओं को आहत ना पहुंचे ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

महमदपुर नरसंहार के खिलाफ श्री राजपूत करणी सेना ने हत्यारें का सिर कलम करने पर 5 करोड़ का रखा इनाम।

बिहार के सभी निजी और सरकारी स्कूल दिनांक 19 जून 2021 से 15 जून 2021 तक रहेंगे बंद । इस विषय के साथ वायरल...

सोशल मीडिया पर बिहार विद्यालय शिक्षा बोर्ड के द्वारा जारी किया गया एक लेटर बहुत ही तेजी से वायरल हो रहा है...

भोजपुरी अभिनेता खेसारी लाल यादव के ऊपर लखनऊ में हुआ केस दर्ज। फ़िल्म निर्माता के बेटे को धमकाने का है आरोप

भोजपुरी अभिनेता खेसारी लाल यादव ने फिल्म निर्माता के बेटे को धमकाया, लखनऊ में केस दर्ज-----------------------------------✍️गुड़ंबा कोतवाली में भोजपुरी फिल्म अभिनेता शत्रुघन...

सीतामढ़ी जिले के चोरौत प्रखंड की बेटी रिंकू कुमारी अब बिहार से कई सौ किलोमीटर दूर भारत के असम बॉर्डर पर रहकर करेगी...

चोरौट:- आप सभी को यह बताते हुए गर्व महसूस हो रहा है कि अभी कुछ ही दिन पहले एसएससी जीडी 2018 का...

Recent Comments